Category: Struggling Writer’s Column

ऋषिकेश से ग्वारीघाट तक

पिछला अंक पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे। ४ अगली सुबह, मैं दरियागंज स्थित लिटरेरी पब्लिशिंग हाउस देखने गया। कार्यालय बाहर से जीर्ण-शीर्ण था, लेकिन सभी दरियागंज में स्थित भवनों की तरह अंदर से नया था। मैंने दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई प्रतिक्रिया…

ऋषिकेश से ग्वारीघाट तक

पिछला अंक पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे। ३ मैंने रुद्रपुर से दिल्ली तक उत्तराखंड संपर्क क्रांति पर एक टिकट बुक किया। लेकिन मेरे गांव से रुद्रपुर तक जाने के लिए काफी जदोजहद करनी पढ़ती थी। कॉर्बेट के नाम के गांव…

ऋषिकेश से ग्वारीघाट तक

पिछला अंक पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे। २ करने को ज्यादा कुछ था नहीं तो मैं मलेशिया चला गया एक दोस्त के सहारे। वहां पीएचडी में मुझे दाखिला मिल गया था। मलेशिया में पढाई लिखाई ज्यादा नहीं करते लोग।…

ऋषिकेश से ग्वारीघाट तक

१ कहानी शुरू हुई थी २०१० मे अगर मुझे ठीक से याद है तो। शायद २०११ मे भी हो सकती है। अब मुझे याद नहीं। खैर, तारीखे जरूरी नहीं, हम बेवजह तारीखों मे उलझ के रह जाते है। जबकि उससे…